Patharchatta ke fayde in Hindi: पत्थरचट्टा का आपने जरूर सुना होगा। किडनी स्टोन को दूर करने में पत्थरचट्टा के फायदे (Patharchatta ke fayde) अमृत के समान गुणकारी माना जाता है।

पथरचट्टा (Patharchatta) एक औषधीय गुणों से युक्त पौधा है। पत्थरचट्टा में एंटीसेप्टिक एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। सेहत के लिए वरदान पत्थरचट्टा का पत्ता के नियमित सेवन से कई रोगों से रक्षा होती है।

Patharchatta ke fayde in Hindi

आयुर्वेद में प्राचीन काल से ही किडनी और मूत्र विकारों से संबंधित समस्याओं से राहत पाने में पथरचट्टा का उपयोग रामबाण है। इसके अलावा यह सिर दर्द, योनि संक्रमण, रक्तचाप, सूजन और बवासीर जैसी समस्या में भी फायदेमंद मानी जाती है।

पत्थरचट्टा का पौधा – Patharchatta in Hindi

क्रसुलासी परिवार से संबंधित पथरचट्टा पौधे का वानस्पतिक नाम ब्रायोफिलम पिन्नाटम है। इसे कलानचो (Kalanchoe pinnata) के नाम से भी जाना जाता है। पत्थरचट्टा की पहचान का सबसे आसान तरीका है की इसका पौधा एक झाड़ीनुमा होता है।

पत्थरचट्टा को कई नामों से जाना जाता है। संस्कृत में इसका नाम पाषाणभेद है। इसे लोग कैथेड्रल बेल्स, एयर प्लांट, वंडर ऑफ द वर्ल्ड, मैजिक लीफ आदि के नाम से भी जानते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर पथरचट्टा का पौधा अनेकों पोषक तत्वों से युक्त होता है।

आयुर्वेद में इस पौधे को भष्मपथरी, पणपुट्टी और पाषाणभेद के नाम से जाना जाता है। यह हमारे देश में व्यापक रूप से पाये जाने वाला एक रसीला पौधा है। यह एक बारहमासी पौधा है जिसके तने लंबे और खोखले होते हैं।

इस कारण से इसे आमतौर पर ‘एयर प्लांट’ के नाम से भी जाना जाता है। भारत के अलावा पथरचट्टा एशिया, वेस्ट इंडीज, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड आदि जैसे समशीतोष्ण क्षेत्रों में पाया जाता है। इसके पत्तियां के स्वाद खट्टी और नमकीन होती हैं।

पत्थरचट्टा के पत्ते खाने के फायदे – Patharchatta plant benefits in Hindi

पत्थरचट्टा के अंदर एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। फलतः इसका सेवन शरीर में कई प्रकार के दर्द को शांत करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसका सेवन (Patharchatta ke fayde ) पेट की पथरी को भी कम करने में सहायक है।

Patharchatta ke fayde in Hindi
पत्थरचट्टा के पत्ते खाने के फायदे

पत्थरचट्टा के अंदर मौजूद ड्यूरेटिक गुण शरीर से टॉक्सिन को पेशाब के ज़रिए बाहर निकालने में मददगार होता है। फलस्वरूप पेट स्वस्थ और उनके कामकाज को बेहतर बनाता है। आइए इस लेख में पत्थरचट्टा के फायदे (Patharchatta ke fayde) हिन्दी में विस्तार से जानते हैं।

पत्थरचट्टा पथरी तोड़ने की दवा

पत्थरचट्टा को किडनी की पथरी को दूर करने में घरेलू (आयुर्वेदिक) इलाज के रूप में सर्वोपरि माना गया है। जैसे नाम से भी जान पड़ता है शक्तिशाली जड़ी बूटी में से एक पत्थरचट्टा पथरियों को गलाने का काम करता है।

गुर्दे की पथरी के इलाज में इसका भरपूर उपयोग किया जाता है। कहा जाता है की इसका किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ के निर्देशन में नियमित सेवन से ऑपरेशन के बिना भी पथरी गलकर पैसाव के रास्ते निकल जाती है।

इसके अलावा पत्थरचट्टा के पत्तियों का काढ़ा पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना आदि मूत्र संबंधी समस्याएं से निजाद दिलाने में मदद करती है।

अंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरा Patharchatta ke fayde in Hindi

पथरचट्टा का उपयोग पारंपरिक घरेलू चिकित्सा में सैकड़ों वर्षों से होता आया है। इस पौधे में फ्लेवोनोइड्स, एल्कलॉइड्स और ट्राइटरपेनोइड्स नामक यौगिक अंटीऑक्सीडेंट गुणों से युक्त बनाते हैं।

साथ ही इसके पत्ते में एंटीफंगल और जीवाणुरोधी इक्डीस्टेरॉयड मौजूद होते हैं। फलतः पत्थरचट्टा के फायदे (Health Benefits Of Patharchatta) अनगिनत और अद्भुत हैं।

ट्यूमररोधी गुणों से भरपूर

इसकी पत्तियों में ट्यूमररोधी गुण मौजूद होते है। इसके पते का पेस्ट के रूप में घाव वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। इसके इस्तेमाल से त्वचा पर चकत्ते और खुजली की समस्या तेजी से दूर होती है।

इसके अलावा इसका उपयोग दाद, कान दर्द, कीड़े के काटने और डंक को ठीक करने में भी लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसके अंदर एंटीवेनम गुण पाया जाता है।

गुप्तअंगों के संक्रमण से रक्षा

पथरचट्टा के फायदे(Patharchatta ke fayde) गुप्त अंगों में संक्रमण और जलन और खुजली से राहत प्रदान करता है। कभी-कभी वेजाइनल डिसचार्ज अधिक होने के कारण महिलाओं के गुप्तअंगों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में पथरी की मदद से इस प्रॉब्लेम से छुटकारा पाया जा सकता है। पत्थरचट्टा से बना काढ़ा योनि स्राव को कम कर संक्रमण से रक्षा में मदद करता है। इसे उबालकर और उसमें शहद मिलाकर काढ़ा के रूप में आसानी से सेवन किया जा सकता है। ।

खूनी दस्त में फायदेमंद

पत्थरचट्टा का सेवन खूनी दस्त वाले लोगों के लिए लभरी हो सकता है। इसके लिए इसके पत्तों का रस, एक चम्मच देसी घी और एक चुटकी पिसा हुआ जीरा डालकर लेने से विशेष फायदेमंद है।

उच्च रक्तचाप में लाभकारी

इसके सेवन से अत्यधिक रक्तचाप की स्थिति का भी इलाज किया जा सकता है। पत्थरचट्टा की पत्तियों का रस के सेवन करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक है।

जोड़ों के दर्द में कारगर

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की बीमारी जकड़ने लगती है। पत्थरचट्टा का उपयोग (Patharchatta ke fayde )जोड़ों के दर्द से राहत में फायदेमंद माना जाता है। क्योंकि पत्थरचट्टा के अंदर मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण हड्डियों को स्वस्थ कर सूजन में कमी लाता है।

इसके अलावा इसके प्रयोग से हड्डियों मजबूत और टिशूज हेल्दी राहत है। इसके लिए पत्थरचट्टा का लेप तैयार कर लगाने से हड्डियों के दर्द और सूजन को तेजी से कमी लाता है।

इसके लिए पत्थरचट्टा को पीसकर इसमें हल्दी आदि मिलाकर लेप तैयार कर लें। इस लेप को जोड़ों पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करने से जोड़ों के दर्द और हड्डियों को स्वस्थ रखने में लाभकारी साबित हो सकता है।

पत्थरचट्टा का बवासीर में उपयोग

पत्थरचट्टा के पत्ते का सेवन पेट के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह किडनी स्टोन को तोड़ने और पेट में जमा विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में बहुत मदद करता है। यह कब्ज को दूर कर बवासीर के रोगों में भी में लाभदायक माना जाता है।

पत्थरचट्टा के पत्ते कैसे खाएं (Patharchatta uses in Hindi)

पत्थरचट्टा के उपयोग का तरीका विभिन्न रोगों में अलग-अलग प्रकार से किया जा सकता है। इसके पत्तियों को उबालकर थोड़ा नमक मिलाकर काढ़ा के रूप में सेवन किया जा सकता है।

पत्थरचट्टा के पत्तों को चबा-चबाकर भी खाया जा सकता है। इसका सेवन सौंठ के साथ सेवन से पेट दर्द में राहत मिलती है।

अंत में (Patharchatta plant benefits in Hindi)

पत्थरचट्टा भरपूर रूप से सूजन-रोधी गुण से सम्पन्न होते हैं। इसका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के शारीरिक दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद होते हैं। इसका उपयोग से पेट की पथरी को कम करने में लाभकारी है।

इसमें मूत्रवर्धक गुण मौजूद होता है, जो पेट और आंतों के कार्यशीलता को बढ़ाता है। इस प्रकार यह पैसाब  के माध्यम से  शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मददगार साबित होता है।  

F.A.Q

पत्थरचट्टा कितने दिन खाना चाहिए ?

पत्थरचट्टा अनेकों रोग में फायदेमंद है। इसे 1 से 2 महीने कहने से आशातीत फल मिल सकता है।

पत्थरचट्टा कौन-कौन सी बीमारी में काम आता है?

पत्थरचट्टा किडनी स्टोन सहित मूत्र विकार, सिर दर्द, योनि संक्रमण, सूजन, बवासीर और रक्तचाप जैसी बीमारी को दूर करने में काम आता है।

इस लेख में पत्थरचट्टा के फायदे (Patharchatta ke fayde in Hindi)  शीर्षक से वर्णित बातें केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से है। आप इसे किसी भी तरह का चिकित्सा परामर्श अथवा विकल्प नहीं समझें।

इसको किसी चिकित्सा विकल्प के रूप में प्रयोग से पहले हमेशा किसी विशेषज्ञ अथवा चिकित्सक से सलाह जरूर लें। हमारी वेबसाईट faydeaurnuksan.in इसमें वर्णित किसी भी चीज की ज़िममेदारी का दावा नही करता है।

Leave a Comment